Agriculture sector now return to old pattern । Agricultural in India Today

 हेल्लो फ्रेंड्स,आज में और एक ब्रेकिंग न्यूज के साथ गुड मॉर्निंग विश करना चाहूंगा।

    कल पीएम मोदी ने कृषि कानून वापस ले लिया।मेरे मानना है कि भारत आगे बढ़ने से फिर पीछे हट गया । फिर से हमारा किसान बिचौलिया के सीकर होते रहेगा।
    इस नया कृषि कानून में बहुत अच्छा यहां था कि किसान अपनी उपज की एक राज्य से दूसरे राज्य में बिना मंडी शुल्क चुकाके भेज सके वाले थे।लिकिन अभी वही पुराने ढर्रे पर लौटेगा किसान। एक राज्य से दूसरे राज्य  अभी किसान अपनी मंडी के दायरे से भी बाहर नहीं जासकेगा।यदि करेगा अतिरिक्त सल्क देना पड़ेगा।
   हम को इसी कृषि आंदोलन से मालूम चल रहा होगा।ये कितना बिचोलियों और मंडी वालों के लिए फाईदा था।मतलब उदाहरण के तौर पर, हमारे अन्नदाता से  एक रुपए में अन्न लेकर मार्केट में 100 रुपयों में अन्न बेजनेवाला है यही बिचौलिया ,मंडी और हमारे राजनेता।इसीलिए तो एक साल तक धारण में बैठे थे।और भी हमारा राज मार्क रास्ता में।जरा सोचो कहां से आता होगा पैसा ? यहां की नौकरी और अत्याचार होने पर भी लोग इतना देर तक हरताल में बैठ नहीं पाते कियुं की हड़ताल में बैठेंगे तो घर केस चलेगा।
     और एक अच्छे चीज होने से रुक गया इस कृषि कानून की वापसी से ।मालूम है, कि कंपनी डायरेक्ट किसान के पास आने वाले थे और डायरेक्ट कच्चा माल कंपनी किसान से लेने वाले थे।जो किसान को अच्छे मुनाफा होता। मार्केट का भाओ किसान को मिल जाते।

 चले 3 किसान बिल क्या था उस बारे में जाने है।इससे पहले भी में 3 कृषि बिल के बारे में मेरा ब्लॉग लिखा  था वो भी पढ़ सकते है।

1- कृषि उत्पाद व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक, 2020 के तहत किसान देश के किसी भी कोने में अपनी उपज बेच सकेंगे। यदि उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल रहा है या राज्य में बाजार की सुविधा नहीं है, तो किसान अपनी फसल को दूसरे राज्य में ले जाकर अपनी फसल बेच सकता है. साथ ही फसलों को ऑनलाइन माध्यमों से बेचा जा सकता है, और उन्हें बेहतर मूल्य मिलेगा।

2- किसान (सशक्तिकरण और संरक्षण) समझौता, 2020 के तहत मूल्य आश्वासन और कृषि सेवाओं पर किसानों की आय बढ़ाने पर ध्यान दिया गया है। इसके जरिए सरकार बिचौलियों को खत्म करना चाहती है। ताकि किसान को उचित मूल्य मिले। इसके साथ ही सरकार सप्लाई चेन बनाने की कोशिश कर रही है।

3: आवश्यक वस्तु (संशोधन), 2020 के तहत, अनाज, खाद्य तेल, आलू और प्याज अब आवश्यक वस्तु नहीं हैं। इन्हें अब स्टोर किया जाएगा। इसके तहत सरकार कृषि में विदेशी निवेश को आकर्षित करने का प्रयास कर रही है।

निष्कर्ष:अभी में कृषि कानून का ता फायदा बताया आप भी अपने राय कॉमेंट बॉक्स में दे सकते है।




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